Life
·
Love
·
Romance
चाय का दूसरा कप
हमारे मोहल्ले में चाय हमेशा दो कप बनती थी। एक अब्बा के लिए और एक अम्मी के लिए। बाक़ी लोगों की चाय का कोई हिसाब नहीं था। कोई आ गया तो तीसरा...